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Sunday, 23 November 2014

प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढे चलो बढे चलो

हिमाद्री तुंग श्रृंग से,
प्रबुद्ध शुद्ध भारती
स्वयं प्रभो समुज्ज्वला,
स्वतंत्रता पुकारती 

अमर्त्य वीर पुत्र हो
दृढ प्रतिज्ञा सोच लो
प्रशस्त पुण्य पंथ है,
बढे चलो बढे चलो 

असंख्य कीर्ति रश्मियाँ
विकीर्ण दिव्य दाह सी
सपूत मात्रभूमि के,
रुको न शूर साहसी 

अराती सैन्य सिन्धु में
सुवाढ़ वाग्नी से जलो
प्रवीर हो जयी बनो,
बढे चलो बढे चलो
- जय मा भारती
- आचार्य विष्णुगुप्त चाणक्य
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Tuesday, 18 November 2014

भाग मत कर प्रयास

असफलता घेरे तुझे..

मार्ग हों अवरुद्ध,

पास ना हो धन तेरे 

और कार्य हो अपार 

तो भाग मत कर प्रयास

कर प्रयास भाग मत 

चाहे तू हंस 

किंतु आँखे हो नम.....

भाग मत कर प्रयास

जीत में ही हार है 

रात में ही है दिन,

निकलेगा सूरज फिर क्षितिज पार 

भाग मत कर प्रयास

पीड़ा ही सुख है 

सुख ही है पीड़ा 

हार ही जीत है 

जीत ही है हार 

तो भाग मत कर प्रयास

कर प्रयास भाग मत 

भाग मत कर प्रयास 

कर प्रयास भाग मत.....

- आचार्य विष्णुगुप्त चाणक्त


Monday, 17 November 2014

चिंतन

ईन्सान को जागृत अवस्था में चींतन करना जरुरी है,

ओर यही चींतन आपको सदैव जागृत रखेगा.

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પંખીડાને આ પીંજરુ જૂનું જૂનું લાગે


પંખીડાને આ પીંજરુ જૂનું જૂનું લાગે
બહુ એ સમજાવ્યું તો યે પંખી નવું પીંજરુ માંગે

ઉમટ્યો અજંપો એને, પંડના રે પ્રાણનો
અણધાર્યો કર્યો મનોરથ દૂરના પ્રયાણનો
અણદીઠેલ દેશ જાવા, લગન એને લાગે
બહુ એ સમજાવ્યું તો યે પંખી નવું પીંજરુ માંગે

સોને મઢેલ બાજઠિયોને, સોને મઢેલ ઝૂલો
હીરે જડેલ વિંઝણો મોતીનો મોંઘો અણમોલો
પાગલના થઇએ ભેરુ, કોઇના રંગ લાગે
બહુ એ સમજાવ્યું તો યે પંખી નવું પીંજરુ માંગે

Friday, 14 November 2014

महामृत्युंजयमंत्र

ॐ त्रयंबकम यजामहे सुगंन्धी पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात्

Friday, 7 November 2014

जय जय जननी श्री गणेश की

जय जय जननी श्री गणेश की
जय जय जननी श्री गणेश की
प्रतीभा परमेश्वर परेश की
प्रतीभा परमेश्वर परेश की
जय जय जननी श्री गणेश की

जय महेश मुख चंन्द्र चंन्द्रीका
जय जय जय जय जगत अंबीका
जय महेश मुख चंन्द्र चंन्द्रीका
जय जय जय जय जगत अंबीका

वर दे मा वरदान दायनी
वर दे मा वरदान दायनी
बनु दायकी द्वारीकेश 
जय जय जननी श्री गणेश की

शविनय विनती सुन हरी आये 
आये अपनाये ले जाये 
शविनय विनती सुन हरी आये 
आये अपनाये ले जाये

सुखद सुखद बेना आये मा 
सुखद सुखद बेना आये मा
सर्व सुमंगल ग्रीह पर्वेश की
सर्व सुमंगल ग्रीह पर्वेश की
जय जय जननी श्री गणेश की

प्रतीभा परमेश्वर परेश की
जय जय जननी श्री गणेश की
जय जय जननी श्री गणेश की


Tuesday, 4 November 2014

सबसो उंची प्रेम सगाई

सबसे उंची प्रेम सगाई, सबसे उंची प्रेम सगाई,
दुर्योधन का मेवा त्यागे,
दुर्योधन का मेवा त्यागे,
दुर्योधन का मेवा त्यागे,
सगा वीदुर घेर पाई.
सबसे उंची प्रेम सगाई,
सबसे उंची प्रेम सगाई......

जुठे फल सबरी के खाये,
जुठे फल सबरी के खाये,
जुठे फल सबरी के खाये,
बहु विध प्रेम लगाये, सबसे उंची प्रेम सगाई.......

प्रेम से बैठ अर्जुन रथ हाक्यो,
प्रेम से बैठ अर्जुन रथ हाक्यो,
प्रेम से बैठ अर्जुन रथ हाक्यो, भुल गये ठकुराई, सबसे उची प्रेम सगाई.......

एईसी प्रीत बडी वरदाना,
एईसी प्रीत बडी वरदाना,
एईसी प्रीत बडी वरदाना, 
गोपीयां नाच नचाई, सबसे बडी प्रेम सगाई.......

सुरा अकुरा ईस लायक नाही, 
सुरा अकुरा ईस लायक नाही, 
सुरा अकुरा ईस लायक नाही, 
सबसे उंची प्रेम सगाई,
सबसे उंची प्रेम सगाई........




તમારું મુલ્ય કેટલું છે તે તમારી ઉપર નિર્ભર છે

એક યુવાને એના પિતાને પૂછ્યું કે પપ્પા આ માનવજીવનનું મૂલ્ય શુ છે ? પિતાએ જવાબમાં દીકરાના હાથમાં એક પથ્થર મુક્યો અને કહ્યું, "તું આ પથ્થર...