offers
Friday, 14 November 2014
Friday, 7 November 2014
जय जय जननी श्री गणेश की
Tuesday, 4 November 2014
सबसो उंची प्रेम सगाई
बीनती सुनीये, नाथ हमारी;
- सुभद्रा द्वारा कृष्ण को पत्र
- बीनती सुनीये....
- बीनती सुनीये, नाथ हमारी; बीनती सुनीये, नाथ हमारी,
- रदयेस्वर हरी रदयेस्वर हरी,
- रदयेस्वर हरी रदयेस्वर हरी;
- मोर-मुकुट पीतांम्बरधारी, बीनती सुनीये नाथ हमारी.
- जनम जनम की लगी लगन है, हो.....,
- जनम जनम की लगी लगन है,
- साक्सी तारोन भरा गगन है,
- गीन गीन स्वास आस कहेती है,
- आयेगा श्री कृष्ण मुरारी,
- बीनती सुनीये, नाथ हमारी,
- सतत प्रतीक्षा अपलक लोचन, हो ओ ओ,
- सतत प्रतीक्षा अपलक लोचन, हे भवबाधा, वीपती- वीमोचन, स्वागत का अधीकार दीजीये,
- सरणागत है नयन पुजारी,
- बीनती सुनीये, नाथ हमारी,
- ओर कहुं क्या अंतरयामी, हो ओ ओ,
- तन मन धन प्राणो के स्वामी;
- करुणा कर आखर येह कीजीये,
- स्वीकारी बीनती स्वीकारी,
- बीनती सुनीये, नाथ हमारी,
- हदयस्वर हरि हदयेस्वरी,
- हदयस्वर हरि हदयेस्वरी;
- मोर-मुकुट पीतांम्बरधारी,
- बीनती सुनीये, नाथ हमारी;
- बीनती सुनीये, नाथ हमारी;
- बीनती सुनीये.........नाथ हमारी.
Monday, 3 November 2014
महेनत के फल मीठे होते है
नथु नाम का एक किसान था़, साथ में आलसी भी था, उसके पास एक खेत था, मगर कभी खेत में ध्यान देता नही, खेत में आम, पेरु, अनार ओर बहोत कीसम के फल के पेड थे, पर पानी ओर खात की कमी की वजह से सुक जाते थे, बाप दादा की महेनत की कमाई जमा पुंजी से घर चलाता था, आलसी नथु पुरा दिन आराम ही करता कोई काम काज करता ही नही.
एक दिन सोया था तभी उसे सपना आया की तेरे खेत में धन छुपाया है, खोदकाम करेगा तो मीलेगा ! सुबह होते ही नथु ओजार लेके खेत में पहुच गया, नथु के मन में यही था की एक बार धनदोलत मील जाये तो पुरी जींदगी कोई काम करने की जरुरत ना रहे, बस जलसा ही जलसा ! दुपेर होते ही नथु की ओरत खाना लेकर आई, खाना खाने की बजाय खोदकाम चालु रखा, धन मीलने की आशा में पुरा खेत खोद डाला, फीर भी धन नही मीला ओर नीराश होकर बैठ गया.
बरसो से खेत वैसे का वैसा ही पडा था मगर ये साल नथु ने धन की लालच में जमीन खोद डाली थी उपर से बारीस भी अच्छी हुई थी ओर भगवान की ईच्छा से पेड पे फल भी अच्छे लगे थे, टोकरे भर भर के फल बेचा था ओर ईश्वर का शुक्र मानता था, कभी ईतनी उपज देखी नही थी!
महेनत करने वाले को ईश्वर जरुर देता है !!
महेनत के फल मीठे होते है !!
महेनत करने वाला कभी दुखी नही होता.
ली सीमा
Saturday, 25 October 2014
વિશ્વાસુના વિશ્વાસુ ઓ વિશ્વાસુના વિશ્વાસુ
Friday, 17 October 2014
कैसा पुजारी है जो खुद चखकर भगवान को भोग
તમારું મુલ્ય કેટલું છે તે તમારી ઉપર નિર્ભર છે
એક યુવાને એના પિતાને પૂછ્યું કે પપ્પા આ માનવજીવનનું મૂલ્ય શુ છે ? પિતાએ જવાબમાં દીકરાના હાથમાં એક પથ્થર મુક્યો અને કહ્યું, "તું આ પથ્થર...
-
धरती की शान तू है मनु की संतान, तेरी मुट्ठियों में बंद तूफ़ान है रे. मनुष्य तू बड़ा महान है, भूल मत, मनुष्य तू बड़ा महान है. तू जो चाहे पर्वत प...
-
વિશ્વાસુના વિશ્વાસુ ઓ વિશ્વાસુના વિશ્વાસુ વિશ્વાસુના વિશ્વાસુ ઓ વિશ્વાસુના વિશ્વાસુ નયન કમળથી ધારા વહેતી પ્રભુ નયન કમળથી ધારા વહેતી પ્રભુ ન...
-
असफलता घेरे तुझे.. मार्ग हों अवरुद्ध, पास ना हो धन तेरे और कार्य हो अपार तो भाग मत कर प्रयास कर प्रयास भाग मत चाहे तू हंस किंतु आ...





